
बस्ती में गुंडागर्दी: अनीता डिस्टलरीज पर रंगदारी के लिए धावा, संतोष वर्मा पर FIR
'मिल बंद करो वरना जान से मार देंगे': बस्ती में रंगदारों के आगे बेबस प्रशासन? अनीता डिस्टलरीज के निर्माण में रोड़ा बने दबंग: संतोष वर्मा व उसके साथियों पर मुकदमा दर्ज
अजीत मिश्रा (खोजी)
बस्ती में ‘गुंडागर्दी’ का नंगा नाच: अनीता डिस्टलरीज प्लांट पर अवैध वसूली के लिए धावा, संतोष वर्मा सहित अज्ञात पर मुकदमा
- बस्ती में निवेश का ‘काल’ बने अपराधी: अनीता डिस्टलरीज पर धमकाकर वसूली की कोशिश
- खुलेआम धमकी, जान का खतरा: क्या बस्ती में सुरक्षित है विकास?
- कानून को चुनौती: फैक्ट्री में घुसकर गुंडागर्दी करने वाले संतोष वर्मा पर भड़की पुलिस
रुधौली (बस्ती): जिले में विकास की राह में रोड़ा बने ‘रंगदारों’ के हौसले बुलंद हैं। ताजा मामला थाना रुधौली क्षेत्र के ग्राम दसिया का है, जहाँ निर्माणाधीन ‘अनीता डिस्टलरीज’ प्लांट पर स्थानीय दबंगों ने न केवल अवैध वसूली की कोशिश की, बल्कि कर्मचारियों को जान से मारने की धमकी देकर दहशत फैला दी। इस घटना ने एक बार फिर प्रशासन की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, प्लांट के कार्य की देखरेख कर रहे दिलीप कुमार यादव ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 5 जुलाई को बरहपुर निवासी संतोष वर्मा अपने 10 अज्ञात साथियों के साथ प्लांट पर पहुँचा। आते ही इन लोगों ने अपनी दबंगई दिखाते हुए गार्ड और मजदूरों के साथ अभद्रता की और गालियों की बौछार कर दी।
‘मिल बंद करो, वरना लाशें बिछा देंगे’
आरोपियों ने प्लांट प्रबंधन को खुली धमकी दी कि या तो तुरंत काम बंद करके यहाँ से भाग जाओ, वरना ट्रैक्टर लाकर पूरी फैक्ट्री की दीवारें ढहा दी जाएंगी और किसी को जिंदा नहीं छोड़ा जाएगा। दिन-दहाड़े हुई इस गुंडागर्दी से वहां काम कर रहे श्रमिकों में भय का माहौल व्याप्त है।
पुलिस की कार्रवाई और चुनौती
पीड़ित की तहरीर पर रुधौली पुलिस ने आरोपी संतोष वर्मा और उसके 10 अज्ञात साथियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 352, 351(3) और 191(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की विवेचना उप-निरीक्षक राज कुमार पटेल कर रहे हैं।
सवाल व्यवस्था पर:
बस्ती जैसे शांत जनपद में औद्योगिक निवेश और निर्माण कार्यों को यदि इस तरह के ‘वसूली गैंग’ निशाना बनाएंगे, तो कोई भी उद्यमी यहाँ व्यापार करने से पहले सौ बार सोचेगा। कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ाने वाले ऐसे तत्वों के खिलाफ केवल FIR दर्ज करना ही काफी नहीं है, बल्कि अब पुलिस को कड़ी नजीर पेश करने की जरूरत है।
क्या बस्ती पुलिस इन दबंगों को सलाखों के पीछे भेजकर उद्यमियों का विश्वास बहाल कर पाएगी, या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा? क्षेत्र की जनता की निगाहें अब पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं।

















